उत्तराखंड के नगर निगमों में देहरादून नगर निगम आया पहले स्थान पर

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उत्तराखंड के नगर निगमों में देहरादून नगर निगम आया पहले स्थान पर
देहरादून। देशभर के सैकड़ों शहरों के बीच स्वच्छता सर्वे को लेकर हुई रैंकिंग में देहरादून नगर निगम एक साल में एक कदम आगे बड़ा है। वहीं उत्तराखंड के नगर निगमों में देहरादून नगर निगम का पहला स्थान आया है। हालांकि देहरादून नगर निगम के लिए बड़ी बात है कि साल 2018 से चल रहे स्वच्छता सर्वे में देहरादून नगर निगम की रैंकिंग लगातार सुधरी है।
स्वच्छता सर्वे 2023 देशभर में 446 शहरों के बीच हुआ। इस सर्वे की रैंकिंग वीरवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में रैंकिंग जारी की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेजताओं को पुरस्कार दिए। स्वच्छता सर्वे की रैंकिंग में उत्तराखंड से देहरादून नगर निगम ने पहला स्थान हासिल किया। देहरादून नगर निगम की स्वच्छता सर्वे में पिछले साल रैंकिंग 69 थी और इस साल 2023 में 68 हो गई। भले ही पिछले साल की तुलना में रैंकिंग इस साल एक बड़ी है, लेकिन 2018 से अब तक देहरादून की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हुआ है।
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देश के 446 शहरों में उत्तराखंड में नगर निगमों की ये है रैंकिग
देहरादून- 68
हरिद्वार- 176
रूड़की- 180
हल्द्वानी- 211
ऋषिकेश- 304
कोटद्वार- 305
काशीपुर- 348
रूद्रपुर- 417
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पिछले पांच साल में इस तरह रैंकिंग में हुआ सुधार
साल 2018- 258, 2019-384, 2020-123, 2021-82, 2022-69 और अब 2023 में 68 वहीं रैंकिंग।
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सर्वे में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने में पिछड़ा नगर निगम
स्वच्छता सर्वे में नगर निगम दो कंपोनेंट मे सबसे ज्यादा पिछड़ा। सोर्स सेग्रीगेशन यानि घर-घर से कूड़ा उठान में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने में नगर निगम काफी पीछे रहा। इस सिस्टम में नगर निगम को केवल दस फीसदी नंबर मिले। वहीं सहस्त्रधारा रोड में निगम के पुराने ट्रैचिंग मैदान में कूड़े का निस्तारण नहीं होने पर जीओ फीसदी नंबर मिले। बता दे कि सहस्त्रधारा रोड स्थित नगर निगम के इस ट्रैचिंग मैदान में छह साल पहले तक शहर का कूड़ा गिरता था। शीशमबाड़ा ट्रीटमैंट प्लांट बनने के बाद ये ट्रैचिंग मैदान बंद कर दिया गया। लेकिन यहां सालों से पड़े कूड़े का ट्रीटमैंट नहीं हो सका। जिसके चलते केंद्रीय टीम ने सर्वे में जीरो नंबर दिए।
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स्वच्छता सर्वे के किस कंपोनेंट में कितना स्कोर
घर-घर से कूड़ा उठान पर- 97 फीसदी
गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने में- 10 फीसदी
ट्रीटमैंट प्लांट में कूड़ा निस्तारण में- 79 फीसदी
सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रैचिंग मैदान में- जीरो
घर-घर से कूड़ा उठान में- 98 फीसदी
मौहल्लों की सफाई में- 98 फीसदी
नालों को साफ करने में- 50 फीसदी
सार्वजनिक टॉयलेट की सफाई में- 85 फीसदी
बाजारी इलाकों की सफाई में- 100 फीसदी
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मेने पांच साल में सफाई व्यवस्था में विशेष ध्यान दिया है। लगातार वार्डों में जाकर सफाई अभियान चलाया। इसी का नतीजा रहा है कि 2018 में 258 वीं रैकिंग से साल 2023 में नगर निगम 68 वे रैंक में आ गया। इसके लिए पर्यावरण मित्रों का काफी आभार जताता हूं।
सुनील उनियाल गामा, निवर्तमान मेयर

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