आगामी विधानसभा निर्वाचन- 2027 की तैयारियों के तहत चमोली में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य जारी

JJTK Desk
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चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य लगातार जारी है। विकास भवन, गोपेश्वर के सामने स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में मशीनों की तकनीकी जांच की जा रही है। पूरी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहकर जांच कार्य का अवलोकन कर रहे हैं। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच कराना अनिवार्य है। निर्वाचन प्रक्रिया में केवल एफएलसी में सफल एवं प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी मशीनों की जांच निर्धारित तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया है कि एफएलसी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सतर्कता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराया जाए। साथ ही वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए तथा केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए।
अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि जनपद में कुल 633 मतदान केंद्रों के लिए 1,130 बैलेट यूनिट (बीयू), 1,250 कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं 1,294 वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की जा रही है। पूर्व में उपलब्ध 1,400 कंट्रोल यूनिट में से 150 मशीनें जनपद पौड़ी को हस्तांतरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर तक 957 बैलेट यूनिट, 1,125 कंट्रोल यूनिट तथा 1,118 वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। शेष मशीनों की जांच का कार्य भी लगातार जारी है। एफएलसी प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं सुरक्षा के दृष्टिगत जांच हॉल में मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित है। इसके लिए अधिकारियों, कर्मचारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अपने मोबाइल फोन निर्धारित काउंटर पर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रथम स्तरीय जांच के उपरांत ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए 1 एवं 2 नवंबर 2026 को मॉकपोल की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। यह प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रेंडमली चयनित मशीनों पर की जाएगी। इसके लिए कुल मशीनों में से 5 प्रतिशत मशीनों का चयन किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चयनित मशीनों में से 1 प्रतिशत मशीनों (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट एवं वीवीपैट) पर 1,200 वोट, 2 प्रतिशत मशीनों पर 1,000 वोट तथा शेष 2 प्रतिशत मशीनों पर 500 वोट डालकर मॉकपोल किया जाएगा। इसके माध्यम से मशीनों की कार्यक्षमता एवं तकनीकी विश्वसनीयता का परीक्षण किया जाएगा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को एफएलसी एवं मॉकपोल प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के लिए भेजें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

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