देहरादून। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में देहरादून में एक दिवसीय दिव्यांग रोजगार मेले का आयोजन किया गया। सेवायोजन कार्यालय परिसर में दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र, देहरादून ने अमेरिका इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से इस मेले का आयोजन किया। मेले में प्रदेशभर से आए 40 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और विभिन्न कंपनियों में रोजगार के लिए साक्षात्कार दिए। इसमें 23 अभ्यर्थियों को कंपनियों ने शॉर्टलिस्ट किया, जबकि 16 अभ्यर्थियों का वर्क फ्रॉम होम रोजगार के लिए चयन किया गया।
दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र, देहरादून के उपनिदेशक डॉ. जैनेद्र कुमार ने बताया कि रोजगार मेले का उद्देश्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मेले में प्रतिभाग करने वाली कंपनियों ने अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लेकर उनकी दक्षता का आकलन किया और उपयुक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के लिए चयनित अभ्यर्थियों को घर से ही कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
रोजगार मेले में चलने-फिरने संबंधी दिव्यांगता, श्रवण बाधित, कम दृष्टि तथा बौद्धिक दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी गई। मेले में एडुस्किल सॉल्यूशन, निवा बूपा इंश्योरेंस लिमिटेड सहित बीपीओ क्षेत्र की कंपनियों ने प्रतिभाग किया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर उनकी योग्यता एवं कार्यकुशलता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की। इस अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र, देहरादून के पुनर्वास अधिकारी संतोष कुमार सिंह, अमेरिका इंडिया फाउंडेशन के सोहनलाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 78 वृद्ध महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां और सहायक उपकरण वितरित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर मदर टेरेसा स्नेह सदन में लगा स्वास्थ्य एवं आधार शिविर
देहरादून। वृद्ध महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से मदर टेरेसा स्नेह सदन में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं आधार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 78 वृद्ध महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों तथा अध्यक्ष/जिला जज हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा दुर्गाकोटी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वृद्ध महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने वृद्ध महिलाओं का सामान्य स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, हड्डियों, नेत्रों एवं दांतों से संबंधित परीक्षण किया। जांच के उपरांत आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। परीक्षण के दौरान जिन महिलाओं में मोतियाबिंद की समस्या पाई गई, उनके उपचार एवं निःशुल्क शल्य चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। वृद्ध महिलाओं की दैनिक जरूरतों और बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से व्हीलचेयर, छड़ियां, बेडशीट, मेडिकल किट एवं इनकॉन्टिनेंस ब्रीफ किट भेंट की गईं। इस दौरान महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित प्राविधिक कार्यकर्ताओं को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
शिविर के अंतर्गत आधार केंद्र के माध्यम से 15 महिलाओं की आधार केवाईसी अद्यतन की गई, जिससे उन्हें आधार संबंधी समस्याओं से राहत मिलने के साथ ही विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके कानूनी अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में सुभारती अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं प्राविधिक कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस संवेदनशील पहल के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सुभारती अस्पताल के चिकित्सकों एवं समस्त सहयोगी कर्मियों का आभार व्यक्त किया।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई, कोर्ट कैंटीन से ढाबों तक छापेमारी, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस
एफडीए का सख्त एक्शन, नोटिस पाने वाले कारोबारी अगले आदेश तक नहीं कर सकेंगे खाद्य पदार्थों का निर्माण
उत्तराखंड में मिठाईयों की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी तिथि लिखना अनिवार्य, खाद्य पदार्थों के नमूने मिलावटी मिलने पर भी कार्रवाई
देहरादून। आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने देहरादून जनपद में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और जांच अभियान को तेज कर दिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभागीय टीमों ने देहरादून नगर निगम क्षेत्र से लेकर नेहरू कॉलोनी, ऋषिकेश, डोईवाला, रानीपोखरी, भानियावाला और विकासनगर तक विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि एक ढाबे और एक अन्य खाद्य प्रतिष्ठान के खिलाफ अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालन को लेकर चालान की कार्रवाई की गई।
कोर्ट परिसर की कैंटीन में खामियां, ढाबों पर भी विभाग की सख्ती
खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में देहरादून स्थित कोर्ट परिसर की खाद्य कैंटीन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर खाद्य लाइसेंस, पेयजल की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। इस पर संबंधित संचालक को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित नियमों का अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इसके बाद टीम ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां स्वाद पंजाब ढाबा और अंगीठी मोमोज में अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर चालान की कार्रवाई की गई। वहीं, नेगी जी कुरकुरे हाट, अंगीठी बाय गौरव में पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं पाए गए। इन प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी किए गए।
निरीक्षण के दौरान मिठाई की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उपभोक्ताओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। राहुल स्वीट्स, चंचल स्वीट्स और आहूजा स्वीट्स को मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए। विभाग का उद्देश्य है कि उपभोक्ता मिठाइयों की ताजगी और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें तथा खाद्य पदार्थों की बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे।
नोटिस पाने वाले कारोबारी अगले आदेश तक नहीं कर सकेंगे खाद्य पदार्थों का निर्माण
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ा दी है। नोटिस जारी किए गए संबंधित कारोबारियों को अगले आदेश तक खाद्य पदार्थों का निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकेश से डोईवाला तक निरीक्षण, अधोमानक नमूनों पर नोटिस
इसी अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह ने भानियावाला, रानीपोखरी, डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में मिठाई की दुकानों सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान आयुक्त के निर्देशों के क्रम में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखने और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया।
विभाग ने खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में अधोमानक पाए जाने के मामलों में भी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि पनीर लूज (आईटी पार्क), पनीर लूज (विकासनगर), गाय का दूध (सीमाद्वार), सिंघाड़े का आटा और नट फ्लोर (नेहरू कॉलोनी) के नमूने जांच में अधोमानक पाए गए। इन मामलों में संबंधित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 46(4) के तहत नोटिस भेजे गए हैं।
निरीक्षण अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संतोष कुमार सिंह और विकासनगर के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी सहित विभागीय अधिकारी शामिल रहे।
सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने स्पष्ट किया कि आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और नमूनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने, स्वच्छता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की है।
युवा नशामुक्ति अभियान में सहभागी ही नहीं, नेतृत्वकर्ता भी बनें : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी
कहा, नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं सहित सभी प्रतिभागियों से नशामुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इस प्रकार के आयोजनों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ने के साथ ही युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस पहल के लिए ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, आयोजकों एवं विशेष रूप से देवेन्द्र सिंह बिष्ट की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ ही उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। जिस युवा के हाथों में किताबें होनी चाहिए, जिसे खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखानी चाहिए और अपने परिश्रम से भविष्य संवारना चाहिए, यदि वह नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसके सपनों के साथ ही परिवार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। नशे से दूर रहने के लिए खेल, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। अच्छी संगति, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यस्थलों और खेल मैदानों से नशामुक्ति का संदेश हर घर और हर गांव तक पहुंचाना होगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस अभियान में केवल सहभागी बनकर न रहें, बल्कि इसका नेतृत्व करें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही जनजागरूकता, नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को सही मार्गदर्शन, परामर्श, उपचार और परिवार का भावनात्मक सहयोग मिलना भी आवश्यक है। नशामुक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई के साथ ही सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास के प्रयासों में बेहतर समन्वय जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ ही वीरों, तपस्वियों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। हमारी युवा पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करनी हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास में हो तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक से अधिक अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प केवल किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने सभी से ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही एक ऐसे स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त उत्तराखण्ड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और परिश्रम से आगे बढ़े तथा प्रत्येक परिवार का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल हो।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, उत्तराखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, डॉ. विकास लोईवाल, ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
कण्डोली अपर के रामलीला प्रांगण में नवनिर्मित टीन शेड का विधिवत उद्घाटन करते विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर
देहरादून/विकासनगर। शुक्रवार को सहसपुर विधायक सहदेवह सिंह पुण्डीर द्वारा ग्राम पंचायत कण्डोली अपर में विधायक निधि के अंतर्गत ₹02 लाख की लागत से रामलीला प्रांगण में नवनिर्मित टीन शेड का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस निर्माण कार्य के होने से स्थानीय लोगों को रामलीला एवं अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास तथा क्षेत्रवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में जनसुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि रामलीला एवं अन्य सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक एकता के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से स्थानीय लोगों को सुविधा मिलती है तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है। रामलीला प्रांगण में टीन शेड के अवशेष निर्माण कार्य के पूर्ण होने से आयोजनों के संचालन में सहूलियत मिलेगी और स्थानीय जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
विधायक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर आमजन तक उनका लाभ पहुंचाना भी है। सड़क, पेयजल, जल निकासी, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निरंतर गति प्रदान की जा रही है। साथ ही, विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी संकल्प के साथ सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में समग्र, संतुलित एवं सतत विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप जनसुविधाओं का विस्तार हो और प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। इस कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य कंचन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, मण्डल महामंत्री अनुप सेमवाल समेत समस्त भाजपा कार्यकर्ता व स्थानीय लोगों मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत एवं अभिनंदन करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने वाले ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के स्थानीय उत्पादों से निर्मित किट भी भेंट की।
जनसुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन सख्त, पल्टन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित; अतिक्रमण पर एक्शन
व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान, रेहड़ी-ठेली सहित सभी प्रकार के अतिक्रमण पर होगी प्रभावी कार्रवाई
एडीएम के.के मिश्रा ने पुलिस, नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश, व्यापारियों से सहयोग की अपील
देहरादून। त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाजारों में भीड़ प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में पुलिस, प्रशासन, नगर निगम के संबंधित अधिकारियों तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्यौहारी सीजन के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों, विशेषकर पल्टन बाजार एवं अन्य व्यस्तत्म क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ के दृष्टिगत आम नागरिकों, व्यापारियों एवं बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) के.के मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पल्टन बाजार सहित शहर के अन्य व्यस्ततम बाजारों में यातायात एवं जनसुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण यातायात प्रबंधन, पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित व्यवस्थाओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराएं। पल्टन बाजार में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। व्यापारियों से अनुरोध किया कि लोडिंग अनलोडिंग का कार्य प्रातः 11 बजे से पूर्व तथा सांय 07 बजे उपरान्त ही किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार क्षेत्र में भीड़ के बीच यातायात के दबाव को कम करना तथा आमजन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समयावधि में वाहन प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पल्टन बाजार सहित शहर के प्रमुख एवं व्यस्तत्म बाजारों में अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में आवागमन बाधित करने वाले अतिक्रमण, रेहड़ी-ठेली तथा अन्य प्रकार के अवरोधों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस, नगर निगम एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों में व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे त्योहारी सीजन में बेहतर यातायात व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अनावश्यक रूप से सामान न रखें तथा बाजारों में आवागमन के लिए निर्धारित स्थान को अवरोधमुक्त रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और व्यापारियों के आपसी सहयोग से ही बाजारों में सुव्यवस्थित व्यवस्था कायम रखी जा सकती है।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि त्यौहारी सीजन के दौरान बाजारों में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा यातायात व्यवस्था, पैदल आवागमन और जनसुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उप जिलाधिकारी मुख्यालय हर्षिता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड उत्तराखंड के सदस्य एवं दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन तथा उपाध्यक्ष हरीश विरमानी सहित पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के नए अवसर, 23 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट एक दिवसीय रोजगार मेले में 40 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों ने लिया भाग, 16 का वर्क फ्रॉम होम के लिए चयन
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