अलीगढ़ा। Maxvolt Energy Industries Limited ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित प्लॉट नंबर 67, औद्योगिक क्षेत्र, ख्यामई में अपनी आगामी उन्नत बैटरी विनिर्माण इकाई के भूमिपूजन के साथ विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। लगभग 23,576 वर्ग मीटर, यानी करीब छह एकड़ में विकसित होने वाली इस ₹700 करोड़ की परियोजना को दो चरणों में तैयार किया जाएगा। प्रत्येक चरण की क्षमता 5 GWh होगी और इसके पूरा होने पर संयंत्र की प्रस्तावित वार्षिक विनिर्माण क्षमता 10 GWh हो जाएगी।
इस परियोजना को उत्तर प्रदेश में आगामी सबसे बड़ी बैटरी विनिर्माण परियोजनाओं में से एक के रूप में देखा जा रहा है और इससे अलीगढ़ के उभरते औद्योगिक तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। संयंत्र से विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, आपूर्ति श्रृंखला और संबद्ध सेवाओं में 1,500–2,000 प्रत्यक्ष तथा 7,500–10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए नए अवसर खुलेंगे और संयंत्र के आसपास सहायक उद्योगों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूमिपूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, आईएएस; उत्तर प्रदेश औद्योगिक परामर्श निगम के निदेशक प्रवीण सिंह; तथा अलीगढ़ के सांसद सतीश कुमार गौतम सहित Maxvolt Energy के नेतृत्व दल और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
Maxvolt Energy के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतेंद्र शुक्ला ने कहा, “अलीगढ़ संयंत्र Maxvolt Energy की विनिर्माण यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हम अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार तीन पहिया वाहनों, ऊर्जा भंडारण और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों तक कर रहे हैं। समर्पित मूल उपकरण निर्माता उत्पादन लाइनें हमें बड़े स्तर पर ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में सक्षम बनाएंगी। साथ ही, हमारा ध्यान ऐसे विनिर्माण तंत्र के निर्माण पर है, जो स्थानीय रोजगार, आपूर्तिकर्ताओं और कुशल प्रतिभाओं के लिए अवसर पैदा करे।
अलीगढ़ के लिए इस परियोजना से प्रत्यक्ष कारखाना रोजगार से आगे भी अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कंपनी की योजना स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर युवाओं को बैटरी प्रौद्योगिकी, विद्युत प्रणालियों, स्वचालन, विनिर्माण और संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन प्रदान करने की है। औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं, आवास की मांग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
अलीगढ़ के सांसद सतीश कुमार गौतम ने कहा, “इस परियोजना की खास बात यह है कि यह किसी एक उद्योग पर निर्भर नहीं है। यहां वाहनों, बिजली बैकअप, सौर ऊर्जा और दूरसंचार के लिए बैटरियों का निर्माण होगा। इससे एकल उत्पाद वाली फैक्टरी की तुलना में यहां काम के अधिक विविध अवसर बन सकते हैं। प्रत्यक्ष रोजगार के साथ इसके आसपास विकसित होने वाली आपूर्ति श्रृंखला जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को भी अवसर दे सकती है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम अलीगढ़ के युवाओं को उन्नत विनिर्माण और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के औद्योगिक तंत्र के सहयोग से तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई औद्योगिक आधारभूत संरचना और त्वरित अनुमोदन ने परियोजना को निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, आईएएस ने कहा, “बड़े विनिर्माण निवेश का सबसे बड़ा महत्व तब होता है, जब उससे छोटे उद्योगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। इस आकार के संयंत्र को लगातार ढलाई, पुर्जों, वायरिंग, पैकेजिंग, परिवहन और रखरखाव जैसी सेवाओं की आवश्यकता होगी और इनमें से कई सेवाएं अलीगढ़ तथा आसपास के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उपलब्ध करा सकते हैं। राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति के तहत इन औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना निवेश को आकर्षित करना।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक परामर्श निगम के निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा, “Maxvolt Energy की यह परियोजना बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण का आधार तैयार करने तथा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के प्रयासों का हिस्सा है। अलीगढ़ की संपर्क सुविधा, औद्योगिक आधारभूत संरचना और उपलब्ध कार्यबल इस परियोजना के लिए इसे उपयुक्त स्थान बनाते हैं। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाजारों से अलीगढ़ की बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता और कार्यबल तक पहुंच ने परियोजना के लिए अलीगढ़ को स्थान के रूप में चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Maxvolt Energy के सह-संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी भुवनेश्वर पाल सिंह ने कहा, “₹700 करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, जिससे बाजार और कारोबारी आवश्यकताओं के अनुरूप संयंत्र की क्षमता को व्यवस्थित रूप से बढ़ाया जा सके। परियोजना और वित्तपोषण से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी कंपनी उचित माध्यमों से साझा करती रहेगी।”
Maxvolt Energy के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी सचिन गुप्ता ने कहा, “ख्यामई स्थल का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां निर्माण के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। औद्योगिक आधारभूत संरचना, बिजली, दिल्ली-एनसीआर तक सड़क संपर्क और आने-जाने की दूरी के भीतर उपलब्ध कार्यबल ऐसे संयंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो लगातार संचालित होगा। अब निर्माण कार्य शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत सिविल एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों से होगी। प्रत्येक चरण के आगे बढ़ने के साथ हम स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां करेंगे और स्थानीय स्तर से ही आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्राप्त करेंगे, बजाय इसके कि उत्पादन लाइनें तैयार होने तक प्रतीक्षा की जाए।
Maxvolt Energy ने अलीगढ़ में रु. 700 करोड़ बैटरी संयंत्र के साथ विस्तार की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम

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