योजना के विरोध में चार चरणों में राज्यस्तर पर किए गए विरोध प्रदर्शन
देहरादून। अग्निवीर योजना के विरोध में कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन अपने चौथे चरण में खटीमा, चंपावत, बाजपुर, रुद्रपुर व अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के बाद समाप्त हो गया। जिसके तहत कांग्रेसियों ने अलग-अलग स्थानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अग्निवीर योजना को समाप्त करने की मांग की।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि आंदोलन की शुरूआत पहले चरण में कोटद्वार व लैंसडाउन में कार्यक्रम आयोजित किए जाने के साथ हुई। दूसरे चरण में कुमाऊँ मंडल के रामनगर, रानीखेत, अल्मोड़ा व हल्द्वानी में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। तीसरे चरण में देहरादून, विकासनगर, चकराता, बड़कोट, उत्तरकाशी, नरेंद्रनगर व मसूरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया गया गया। अंतिम और चौथे चरण के तहत खटीमा, चम्पावत, बाजपुर, रुद्रपुर, नैनीताल सहित अन्य स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता व पूर्व सैनिकों ने जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित प्रदेश कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व सैनिक, युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर शामिल हुए।
सेवानिवृत्त कर्नल रतन नेगी ने कहा कि उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि कहा जाता है। राज्य के लगभग 75 प्रतिशत परिवारों का सेना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव रहा है। प्रदेश के युवाओं का सपना देश की सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा करना रहा है। लेकिन, केंद्र सरकार ने सेना भर्ती की अवधि को मात्र चार वर्ष तक सीमित कर दिया है । जिससे युवाओं में भारी निराशा व आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे सेना की परंपरागत व्यवस्था एवं युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी लगातार इस जनविरोधी योजना का विरोध करती रही है। आगे भी युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। केंद्र सरकार को इस योजना को समाप्त करना चाहिए।
इस दौरान प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, कैप्टन गोपाल सिंह गढ़िया, सूबेदार बलबीर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, कैप्टन कुशाल सिंह राणा, जयदीप सिंह, हवलदार रणबीर लाल, डॉ आरपी ध्यानी आदि मौजूद रहे।



