तुलाज़ इंस्टीट्यूट ने साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु साइन किया एमओयू

JJTK Desk
2 Min Read

देहरादून : तुलाज़ इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया, जो साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

यह एमओयू क्लाउड सिक्योरिटी एलायंस (सीएसए), उत्तराखंड चैप्टर और इंटेलिजेंसएक्स (एक्सकॉन) के सहयोग से किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को बेहतर इंडस्ट्री एक्सपोज़र, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और व्यावहारिक सीखने के अवसर प्रदान करना है। सीएसए एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त संगठन है, जो क्लाउड सुरक्षा में सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने और साइबर खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक प्रोफेसर डॉ. शैलेन्द्र कुमार तिवारी, डीन अकादमिक्स प्रोफेसर निशांत सक्सेना, सीएसई विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार और डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय शर्मा ने वर्तमान तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य में उद्योगोन्मुख शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. सौरभ सिंह, गिरीश कुमार, मानसी नेगी, भारती कालरा और अनीता राजवंशी सहित अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

 

इस पहल के तहत साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग क्लब की स्थापना की गई है, जो कार्यशालाओं, सेमिनारों और प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। बैज समारोह के दौरान संतोष कुमार को क्लब का उपाध्यक्ष और यश कुमार को सहायक उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

सेमिनार में डेटा सुरक्षा, नेटवर्क सुरक्षा, एथिकल हैकिंग, फिशिंग जागरूकता, पासवर्ड सुरक्षा, मैलवेयर से बचाव और डिजिटल प्राइवेसी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े विषयों जैसे सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज, एक्सेस मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा की भी जानकारी दी गई। उद्योग विशेषज्ञों ने वास्तविक साइबर हमलों के केस स्टडी साझा किए, जिससे छात्रों की व्यावहारिक समझ और बेहतर हुई।

Share This Article
Leave a Comment