नशे के नेटवर्क पर धामी सरकार का कड़ा वार, मनःप्रभावी औषधियों के बढ़ते कुप्रयोग तथा इनके गैर-कानूनी व्यापार के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान

JJTK Desk
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  • युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, कोडीन सिरप के दुरुपयोग रोकने को टीमों का गठन, क्रॉस-जांच से पारदर्शिता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
  • देहरादून में अनियमितताएं पाए जाने पर दो प्रतिष्ठान सील, हरिद्वार में स्टॉक रोका गया, उधमसिंहनगर में नोटिस चस्पा

देहरादून । चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोडीन युक्त सिरप एवं अन्य मनःप्रभावी औषधियों के बढ़ते कुप्रयोग तथा इनके गैर-कानूनी व्यापार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे के निर्देशों के क्रम में अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है। जनपद देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षकों को हरिद्वार का दायित्व, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून तथा नैनीताल में तैनात निरीक्षकों को उधमसिंहनगर का दायित्व सौंपा गया है। इससे स्थानीय स्तर पर संभावित प्रभावों को समाप्त कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक छापेमारी की। जनपद देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में M/s Mystic Pharma Healthcare एवं Trust Way Pharmaceutical पर सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर उनकी चाबियां संबंधित थाने को सौंप दी गईं। आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

जनपद हरिद्वार स्थित M/s Animets Life Sciences Pvt. Ltd., सलेमपुर, बहादराबाद में निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया। उपलब्ध औषधियों के स्टॉक को फॉर्म-15 के अंतर्गत रोक दिया गया है तथा अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।

रुद्रपुर स्थित M/s Futec Pharmaceuticals Pvt. Ltd. पर टीम पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद पाया गया। टीम द्वारा औषधि अधिनियम के अंतर्गत नोटिस चस्पा कर फर्म स्वामी को दूरभाष पर अवगत कराया गया तथा निर्देशित किया गया कि दुकान टीम की उपस्थिति में खोली जाए। अग्रिम कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे ने कहा कि कोडीन युक्त सिरप एवं मनःप्रभावी औषधियों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनता जा रहा है। राज्य सरकार इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता और कठोरता के साथ ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा निगरानी तंत्र को और सशक्त किया गया है तथा औषधि अनुज्ञप्ति धारकों की जवाबदेही तय की जा रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, अवैध भंडारण, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री या रिकॉर्ड में हेरफेर पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निरीक्षण की नीति पर कार्य कर रहा है तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं और क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा। औषधि विक्रेताओं, थोक व्यापारियों एवं निर्माण इकाइयों को सभी अभिलेख अद्यतन रखने और नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार सुरक्षित एवं पारदर्शी औषधि वितरण प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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