उत्तराखंडदेहरादून

दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला रानों – सरमोला सम्पर्क मोटर मार्ग की स्थिति दयनीय, पीएमजीएसवाई नहीं दे रहा ध्यान

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
जनपद चमोली के अन्तर्गत विकासखंड पोखरी के दर्जनों गांवों सहित ब्लाक मुख्यालय को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिये पीएमजीएसवाई पोखरी द्वारा बनाए गये सरमोला – रानों (गौचर) सम्पर्क मोटर मार्ग की स्थिति बहुत ही दयनीय स्थिति में है। जनप्रतिनिधियों द्वारा पीएमजीएसवाई पोखरी से शिकायत करने पर भी निर्माणदाई संस्था द्वारा सम्पर्क मोटर मार्ग की उबड़-खाबड़ हो चली बहुत ही दयनीय स्थिति को सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है।
इस सम्पर्क मोटर की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुऐ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएमजीएसवाई पोखरी द्वारा हाल ही में इस सम्पर्क मोटर मार्ग पर आधा अधूरा जो डामरीकरण कार्य किया गया था वह भी डालते हुऐ ही उखड़ गया था। डामरीकरण के घटिया कार्य को देखते हुऐ जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को देखते हुऐ सर्दियों के मौसम में हो रहे इस कार्य को रोक दिया गया था। बरसात में जगह -जगह भू-स्खलन से पुस्ते दिवाल आदि भी क्षतिग्रस्त हुऐ थे उनका भी सही ढंग पुनर्निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। उबड़-खाबड़ हो चुकी इस सम्पर्क मोटर मार्ग पर आवाजाही करने में वाहनों में सवार लोगों को भारी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है। जिससे जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रीय जनता में पीएमजीएसवाई पोखरी के प्रति अब भारी आक्रोश पनपने लगा है।
इस क्षेत्र के ग्राम प्रधान बमोथ रूचि देवी ठाकुर, क्षेत्र पंचापत सदस्य बमोथ मोहन सिंह कोहली, रानो के पूर्व प्रधान चंद्र सिंह भंडारी, बमोथ के पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप लखेड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतम सिंह ठाकुर, उत्तम सिंह भंडारी, जीतेन्द्र मल्ल, अनिल बहुगुणा, खुशाल सिंह नेगी, धीरेन्द्र चौधरी, विनोद खत्री, राजेन्द्र सिंह भंडारी, नरेन्द्र सिंह भंडारी, हर्ष सिंह खत्री, नरेन्द्र नेगी, दर्शन बिष्ट, रमेश भंडारी, प्रमोद रावत, दीप चंद ठाकुर, विनोद रावत, विपुल भट्ट, प्रवेश खाली, महेश खाली, सुधीर नेगी, विवेक ठाकुर, राजकुमार, आदि जनप्रतिनिधियों, समाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने कहा कि जल्द ही इस सम्पर्क मोटर मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पीएमजीएसवाई पोखरी के खिलाफ जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया जायेगा। जिसके लिए खुद पीएमजीएसवाई पोखरी जिम्मेदार होगा।

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