हर बर्ष की भांति इस बर्ष भी सीपीआई (एम) और वामपंथी दलों ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को ‘संविधान बचाओ दिवस’ के रूप में मनाया

JJTK Desk
2 Min Read

देहरादून। गणतंत्र दिवस के 77वीं बर्षगांठ के अवसर पर पार्टी के उत्तराखण्ड राज्य कार्यालय पर आज सीपीआई एम बरिष्ठ नेता कामरेड गंगाधर नौटियाल ने फहराया ।इस अवसर पर वक्ताओं ने आजादी के मुक्ति संघर्ष में कम्युनिस्टों ,क्रान्तिकारी सहित विभिन्न विचारधाराओं के योगदान पर अपनी बात रखी है तथा कहा आज हमारे देश की आजादी एवं संविधान पर अनेकों हमले हो रहे हैं जिन्हें समझने की आवश्यकता है ।सत्ता में ऐसे विचारधारा के लोग काबिज हैं जो संवैधानिक परम्पराओं को नहीं मानते यहाँ तक वे देश के संविधान को खारिज करना चाहते हैं ।वे समाज की एकता व अखण्डता के पक्षधर नहीं हैं ,कुल मिलाकर आज देश के लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए आम जनता को एकजुट होना होगा ।
सीपीआई (एम) राज्यसचिव कामरेड राजेन्द्र पुरोहित ने कहा है कि वर्तमान राजनैतिक माहौल में संविधान के मूल सिद्धांतों को खतरा है, इसलिए संविधान की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करना आवश्यक है।
पार्टी संविधान के संघीय ढांचे को मजबूत करने और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरुआती दौर से ही देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और अभियान चलाती रही है ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि सीपीआई (एम) और अन्य वामपंथी दलों ने चुनावी गड़बड़ियों, मतदाता सूची में हेरफेर और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ निरन्तर आवाज़ उठाती रही है।‌उनकी पार्टी देश भर में मार्च, सभाएं और रैलियां आयोजित कर ‘संविधान बचाओ’ का संदेश प्रमुखता से रहा है।
इस अवसर फर वक्ताओ ने कहा है कि सीपीआई (एम) ने लगातार भाजपा-नीत सरकार की नीतियों को संविधान विरोधी बताते हुए लोगों से संविधान के धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी ढांचे को बचाने के लिए संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया है।
इस अवसर पर पार्टी के बरिष्ठ नेता कामरेड गंगाधर नौटियाल ,लेखराज ,अनन्त आकाश ,नितिन मलेठा आदि ने विचार व्यक्त किये ।संगोष्ठी का समापन कामरेड भगवन्त पयार ने किया ।

Share This Article
Leave a Comment