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खुद को श्री दादू दयाल महासभा ट्रस्ट से जुड़ा बताने वाले मोहन और दामाद रविंद  ने श्रद्धालु से की 2.5 करोड़ ठगी, पंजाबी बाग थाने में FIR दर्ज

नई दिल्ली : धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार खुद को श्री दादू दयाल महासभा ट्रस्ट से जुड़ा बताने वाले मोहन सिंह और उसके दामाद रविंद सिंह राठौड ने कथित तौर पर एक श्रद्धालु से ₹2.5 करोड़ की ठगी की। इस मामले में दिल्ली के थाना पंजाबी बाग में FIR 659/2025 दर्ज कर ली गई है।

रोहतक निवासी सचिन गर्ग द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में आरोप है कि मोहन सिंह और रविंद सिंह राठौर वर्षों से खुद को धार्मिक ट्रस्ट और खाटू श्याम जी मंदिर से जुड़ा बताकर लोगों का विश्वास जीतते रहे और इसी विश्वास का दुरुपयोग कर शिकायतकर्ता से भारी रकम वसूली।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहन सिंह और रविंदर सिंह राठौर लंबे समय से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं से मेलजोल बढ़ाकर खुद को प्रभावशाली बताते रहे और इसी माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। आरोप है कि पूरा घटनाक्रम शुरू से ही पूर्व नियोजित धोखाधड़ी था।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2009 में शिकायतकर्ता ने श्री दादू दयाल महासभा ट्रस्ट की एक संपत्ति खरीदी थी जिसे लेकर बाद में ट्रस्ट द्वारा सिविल मुकदमा दायर किया गया। इसी विवाद को ट्रस्ट के अंदर से सुलझाने और केस वापस कराने का झांसा देकर मोहन सिंह और रविंदर सिंह राठौर ने शिकायतकर्ता से कुल ₹2.5 करोड़ की मांग की।

जब शिकायतकर्ता ने समझौते का प्रमाण मांगा तो आरोपियों ने की एक फर्जी ट्रस्ट रेजोल्यूशन डीड सौंप दी ।

हालांकि जब शिकायतकर्ता स्वयं रोहतक जिला अदालत पहुंचा तो न तो ट्रस्ट की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ और न ही कोई केस वापसी की अर्जी दाखिल की गई।

शिकायत करता ने पैसे देने का साक्ष्य भी दिया है जिसमें आरोपी मोहन सिंह व उसका दामाद धन लेते दिखाई दे रहे हैं शिकायत करता ने ध्वनि वॉयस रिकॉर्डिंग का साक्ष्य भी पेश किया है जिसमें आरोपी धोखेवश करोड़ों रुपए लेना स्वीकार कर रहे हैं। शिकायतकरता ने यह भी अवगत कराया है कि आरोपियों ने आस्था के सहारे अन्य निर्दोष लोगों श्रद्धालुओं को ठगा है तथा अपने रसूक से किसी भी पीड़ित पक्ष की शिकायत भी दर्ज नहीं होने देते हैं।

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