
देहरादून। शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़खला में उत्तराखण्ड आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सौजन्य से “शीतलहर पूर्व तैयारी” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा से उपनिदेशक संदीप कुमार राणा द्वारा “शीतकालीन विशेष चुनौतियां एवं निवारण” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण दिया गया। अपने प्रस्तुतीकरण में उन्होंने शीत ऋतु के दौरान बढ़ने वाली अग्नि दुर्घटनाओं एवं कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी घातक गैसों से होने वाले जोखिमों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उपनिदेशक राणा ने बताया कि शीतकाल में अलाव, अंगीठी, हीटर, गीजर, इलेक्ट्रिक उपकरणों एवं अस्थायी हीटिंग साधनों के असावधानीपूर्वक प्रयोग से गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने बंद कमरों में अंगीठी अथवा कोयले के प्रयोग, खराब वायरिंग, इलेक्ट्रिक ओवरलोडिंग तथा गीजर से संबंधित संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उचित वेंटिलेशन, मानक उपकरणों के उपयोग एवं नियमित जांच को आवश्यक बताया तथा आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल अग्निशमन सेवाओं हेतु 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त उपनिदेशक तकनीकी द्वारा बताया गया कि किसी भी नागरिक द्वारा अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा के सम्बन्ध में किसी के सुझाव हों तो उत्तराखण्ड फायर सर्विस की वेबसाइट https://ukfireservices.com या विभागीय के ऑफिशिकल फेसबुक पेज, एक्स हैंडल, इंस्टाग्राम पर भी दे सकते हैं। इस कार्यशाला में उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के उच्चाधिकारी पुलिस महानिरीक्षक फायर सर्विस सुनील कुमार मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट के साथ साथ मुख्य अग्निशमन देहरादून अभिनव त्यागी, अग्निशमन अधिकारी देहरादून किशोर उपाध्याय द्वारा भी उक्त कार्यशाला में प्रतिभाग किया गया।



